"कभी आपने सोचा है कि कैसे एक नाम, जो किसी ज़माने में सफलता, स्टाइल और 'गुड टाइम्स' का प्रतीक था... वही नाम अब घोटाले, धोखाधड़ी और भगोड़े की पहचान बन गया है? विजय माल्या — एक ऐसा नाम जो कभी भारत की सबसे बड़ी शराब कंपनी का मुखिया था। जिसकी पार्टियों में बॉलीवुड से लेकर क्रिकेट और राजनीति तक के सितारे शामिल होते थे। जिसके कैलेंडर गर्ल्स को युवा पोस्टर बनाकर दीवारों पर सजाते थे। जिसका विमान उड़ता था तो लगता था भारत ग्लैमर की ऊँचाई छू रहा है। पर आज? उसी विजय माल्या का नाम आते ही लोगों के ज़हन में आते हैं — 9,000 करोड़ रुपये के घोटाले, भागने का प्लान, विदेशी आलीशान बंगले, और भारत की न्याय प्रणाली के सामने एक बड़ा प्रश्नचिन्ह।" "अब, 9 साल बाद, विजय माल्या पहली बार सामने आया है। एक चार घंटे के पॉडकास्ट में, राज शामानी से बात करते हुए, उसने अपने ऊपर लगे हुए हर आरोप पर सफाई दी "मैं भगोड़ा नहीं हूं। मैंने बैंक से 6200 करोड़ रुपये का लोन लिया था… और अब तक 14000 करोड़ रुपये चुका चुका हूं। "माल्या का कहना है कि उसने बैंक से जितना कर्ज लिया था, उससे कहीं ज्यादा चुका...
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क्या आपने कभी सोचा है — कि जिसे भारत में 'भगोड़ा', 'चोर', और 'घोटालेबाज़' कहा गया… क्या वो वाकई दोषी था? या फिर... उसके पीछे की झूठ कहीं और दबी हुई है?" [Cut to archival footage of Vijay Mallya, Kingfisher jets, news debates, etc.] "विजय माल्या — एक ऐसा नाम जिसने भारत के बिज़नेस वर्ल्ड में तहलका मचा दिया। लेकिन फिर... एक दिन, वो अचानक देश से बाहर चला गया। बैंकों का पैसा डूब गया, लाखों की नौकरियां गईं, और माल्या… लंदन में दिखा।" 🎧 [Sound FX: Podcast microphone turning on] "अब, 9 साल बाद, विजय माल्या पहली बार सामने आया है। एक चार घंटे के पॉडकास्ट में, राज शामानी से बात करते हुए, उसने अपने ऊपर लगे हुए हर आरोप पर सफाई दी "मैं भगोड़ा नहीं हूं। मैंने बैंक से 6200 करोड़ रुपये का लोन लिया था… और अब तक 14000 करोड़ रुपये चुका चुका हूं। तो फिर... चोर कौन है?" "माल्या का कहना है कि उसने बैंक से जितना कर्ज लिया था, उससे कहीं ज्यादा चुका दिया है। मगर फिर भी… उसे चोर कहा गया विजय माल्या (क्लिप या रिक्रिएटेड): “मैं भागकर नहीं गया था। मैंने ...
गरीब मां की कहानियां
मोहन को अपनी मां से बड़ी कोफ्त होती थी उसकी मां का चेहरा आधा जला हुआ था इसी कारण उसे अपनी मां को अपने दोस्तों से मिलवाने और उसके साथ बाहर जाने में बहुत शर्मिंदगी महसूस होती थी कई बार जाने पर वो हमेशा अपनी मां से कोसों दूर होकर चलता था जिससे लोगों को ये ना लगे कि ये औरत उसकी मां है एक दिन मोहन स्कूल से घर आया तू आ गया बेटा चल हाथ मुंह धोकर खाना खा ले और हां वो तेरी क्लासमेट राजेश के मम्मी पापा आए थे ओहो उन्होंने क्या कहा कल शाम को राजेश के जन्मदिन की पार्टी है उसी में तुझे बुलाने आए थे देख ये निमंत्रण का कार्ड देकर भी गए हैं और तुमने ये कार्ड ले भी लिया अरे घर के अंदर से कह देती कि घर पर नहीं हूं क्या जरूरत थी तुम्हें ये चेहरा लेकर उनके सामने जाने की क्या सोच रहे होंगे कि मोहन की मां का चेहरा कितना गंदा दिखता है इसके बाद मोहन वहां से पैर पटकता हुआ चला गया बेचारी उसकी मां वही खड़ी खड़ी आंसू बहाती रही मोहन अपनी मां से इतना गुस्सा हो गया था कि वो राजेश के जन्मदिन की पार्टी में भी नहीं गया इस घटना की कुछ दिनों बाद एक दिन मोहन अपना टिफिन बॉक्स ले जाना भूल गया सुबह के 1...
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