गरीब के घर AC



 

  जो थोड़े बहुत पैसे मिलते थे वे लोग उसी में खुश थे रामु के दोनों बच्चों के स्कूल में काफी  दोस्तों बन गए थे इसलिए वो बच्चे अपने दोस्तो के घर भी आते जाते थे

 

 एक दिन  दोनो   बच्चे अपने दोस्त के घर गये जिसके पिताजी जमींदार थे  उनका घर काफी बड़ा था और हर सुख-सुविधा की चीज वहां पर थी उस समय गर्मी का मौसम था और स्कूल में गर्मी की छुट्टियां चल रही थी सोनू और मोनू जैसी ही अपने दोस्त के घर के अंदर घुसे तो वहां पर ठंडक महसूस हुई उन्हें बहुत अच्छा                                                                                                                                                                                 



 



    


 


 

 


 

 

 







 

पर दोनों बच्चे आये दिन अपने मां-बाप का सिर खाने लगे कि हमें भी Ac चाहिए


 मां क्या हम भी घर में Ac नहीं लगवा सकते हमें कितनी सड़ी गर्मी में यहां रहना पड़ता है

 


देखो शांति हम लोग तो बड़े हैं हम समझते हैं कि हम यह सब नहीं ले सकते परंतु ये तो छोटे-छोटे बच्चे हैं दूसरों के पास अच्छी चीजें देखकर उनके मन में लालच आना तो संभाविक है मैं चाहता हूं  इनकी सभी इच्छा पूरी हो परंतु ये मेरे बस की बात नहीं हैं मैं मजबूर हूं





 

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