9 साल बाद विजय  माल्या ने बड़ा खुलासा किया    -     राजनीति और बिजनेस से पछतावा


भारतीय व्यापार जगत के चर्चित व्यक्ति विजय माल्या ने अपने ही इंटरव्यू में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।


किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मालिक ने बिजनेस राजनीतिक और अपने पछतावे पर खुलकर बात की है।




'भगोड़ा' कहे जाने पर माल्या क्या बोले?


अगर भारत में मुझे फेयर ट्रायल और सम्मानपूर्वक रहने दिया जाने को लेकर भरोसा दिया जाए तो मैं भारत आने के बारे में गंभीरता से सोचूंगा। लेकिन आपको ये भी पता होना चाहिए कि ऐसे कुछ अन्य लोग भी हैं। जिन्हें भारत सरकार ब्रिटेन से प्रत्यर्पत को लेकर टारगेट कर रही है।


राज शमानी ने कहा कि भारत में ऐसे कई सारे बिज़नेसमैन हैं, जिन्होंने बैंक लोन नहीं चुकाया है. इसके बावजूद वो भारत में रह रहे हैं और अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं. इसकी वजह से लोग उन्हें 'भगोड़ा' या 'चोर' नहीं कहते. ऐसे कई सारे मामले हैं.


इस पर माल्या ने जवाब दिया, "कोई बात नहीं, अगर भारत नहीं जाने पर लोग मुझे भगोड़ा कहते हैं. मैं वहां से भागा नहीं हूं. मैं अपनी पहले से तय यात्रा पर भारत से निकला. मैं वापस नहीं लौटा क्योंकि मुझे उसके पीछे उचित कारण दिखे."


"अगर आप मुझे भगोड़ा कहना चाहते हैं तो कहिए. लेकिन ये चोर शब्द कहां से आया? मैंने चोरी कहां की?"
इंटरव्यू के दौरान जब दोबारा विजय माल्या से भारत से भागने को लेकर सवाल किया गया. इस पर विजय माल्या ने कहा, "भाग गया या भगोड़ा होने का पूरा नैरेटिव उन लोगों से आ रहा है, जो तथ्यों को नहीं जानते हैं."
उन्होंने कहा, "मैं 1988 में इंग्लैंड आया. 1992 में मुझे आईएलआर मिल गया. पिछले 32 सालों से मैं ब्रिटेन का स्थायी निवासी हूं."
ब्रितानी सरकार के मुताबिक़, आईएलआर का मतलब 'इनडेफिनिट लीव टू रिमेन' है. इसके तहत व्यक्ति जब तक चाहे तब तक उसे ब्रिटेन में रहने, काम करने और पढ़ाई करने का अधिकार मिलता है. इसका इस्तेमाल ब्रिटेन की नागरिकता के लिए आवेदन देने में भी किया जा सकता है.

विजय माल्या ने कहा, "मुझे भारत में केवल 180 दिन रहने की अनुमति मिली थी क्योंकि 1988 से मेरे पास ग़ैर-निवासी का दर्जा है. इसी कारण से मैं अक्सर आना-जाना किया करता था."


चोर कहे जाने पर क्या बोले माल्या?

भारत से भागने पर और इसके लिए भगोड़ा कहे जाने पर माल्या ने कहा कि यह ठीक है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें 'चोर' क्यों कहा जा रहा है और 'चोरी' कहां है।माल्या ने कहा,


 'मार्च 2016 के बाद भारत न जाने के लिए मुझे भगोड़ा कहिए। मैं भागा नहीं था। मेरी यात्रा पहले से तय थी, इसलिए मैं यहां आया था। ठीक है कि मैं उन कारणों से वापस नहीं लौटा जिन्हें मैं सही मानता हूं, इसलिए अगर आप मुझे भगोड़ा कहना चाहते हैं तो कहें लेकिन चोर कहा जा रहा है, चोरी कहां है?'


2016 में भारत से भाग गए थे माल्या



विजय माल्या कभी किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक हुआ करते थे लेकिन मार्च 2016 में उन्होंने भारत छोड़ दिया था। उनकी किंगफिशर एयरलाइंस 2012 में बंद हो गई थी, जिसके बाद उन पर कर्जा बढ़ता जा रहा था। माल्या पर बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्जा न चुकाने का आरोप है।

2016 से माल्या ब्रिटेन में ही रह रहे हैं। उन्हें वापस भारत लाने की तैयारी चल रही है। हालांकि, अभी तक उनके प्रत्यर्पण की मंजूरी नहीं मिली है। 

इसी साल फरवरी में माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी और लोन रिकवरी के लिए बैंकों की तरफ से हुई वसूली की डिटेल मांगी थी। माल्या के वकील ने दावा किया था कि बैंकों पर 6,200 करोड़ रुपये का बकाया था लेकिन 14 हजार करोड़ रुपये की वसूली की गई है। 

माल्या के वकील का दावा था कि पूरा लोन चुका दिया है, बावजूद इसके वसूली की जा रही है। उन्होंने बैंकों से वसूली की सारी डिटेल देने की मांग की थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने बैंकों और लोन रिकवरी ऑफिसर्स को नोटिस जारी किया था।


विजय माल्या बिजनेस में नुक्सान कैसे हुआ



शराब कारोबारी विजय माल्या एक बार फिर भारत में चर्चा में हैं. उन्होंने हाल ही में यूट्यूबर राज शमानी को एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें माल्या ने कई बड़े दावे किए हैं.
विजय माल्या ने कहा, "जब मैं भारत छोड़ रहा था तब मैंने वित्त मंत्री (तत्कालीन) अरुण जेटली को बताया कि मैं लंदन जा रहा हूं. मुझे जेनेवा में एक मीटिंग में शामिल होना है. मैं वापस आऊंगा. कृपया बैंकों से कहें वो मेरे साथ बैठकर सेटलमेंट कर लें."


विजय माल्या ने कहा कि उन्होंने ये दावा कभी नहीं किया कि उन्होंने अरुण जेटली के साथ बैठकर मुलाक़ात की है. ये सब बातें उन्होंने संसद में चलते-फिरते हुई मुलाक़ात में कही हैं.


इस सवाल के जवाब में विजय माल्या ने कहा कि ये सब बातें पूरी तरह से 'ग़लत' हैं. उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट में कोई भी सुनवाई नहीं होनी थी और ना ही मुझे कोर्ट के सामने पेश होने के लिए समन किया गया था. मुझे ऐसी किसी सुनवाई के बारे में जानकारी नहीं है."
माल्या ने कहा, "मैंने वित्त मंत्री (तत्कालीन) अरुण जेटली को एयरपोर्ट जाते समय बताया था. इसके बाद मैंने दिल्ली से लंदन के लिए उड़ान भरी. मैं एफ़आईए वर्ल्ड काउंसिल की मीटिंग में शामिल होने के लिए जेनेवा जा रहा था. ये मीटिंग महीनों पहले ही तय हो गई थी. मैंने वित्त मंत्री को इसलिए बताया क्योंकि मैं संसद से सीधा दिल्ली एयरपोर्ट गया था."
इससे पहले साल 2018 में भी विजय माल्या ने यह दावा किया था कि भारत छोड़ने से पहले वो अरुण जेटली से मिले थे. उन्होंने कहा था, "मैं भारत से जेनेवा एक पहले से तय मीटिंग के लिए गया था. जाने से पहले मैंने वित्त मंत्री से मुलाक़ात की थी."




2016 में भारत से भाग गए थे माल्या




विजय माल्या कभी किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक हुआ करते थे लेकिन मार्च 2016 में उन्होंने भारत छोड़ दिया था। उनकी किंगफिशर एयरलाइंस 2012 में बंद हो गई थी, जिसके बाद उन पर कर्जा बढ़ता जा रहा था। माल्या पर बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्जा न चुकाने का आरोप है।

2016 से माल्या ब्रिटेन में ही रह रहे हैं। उन्हें वापस भारत लाने की तैयारी चल रही है। हालांकि, अभी तक उनके प्रत्यर्पण की मंजूरी नहीं मिली है। 

इसी साल फरवरी में माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी और लोन रिकवरी के लिए बैंकों की तरफ से हुई वसूली की डिटेल मांगी थी। माल्या के वकील ने दावा किया था कि बैंकों पर 6,200 करोड़ रुपये का बकाया था लेकिन 14 हजार करोड़ रुपये की वसूली की गई है। 

माल्या के वकील का दावा था कि पूरा लोन चुका दिया है, बावजूद इसके वसूली की जा रही है। उन्होंने बैंकों से वसूली की सारी डिटेल देने की मांग की थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने बैंकों और लोन रिकवरी ऑफिसर्स को नोटिस जारी किया था।
















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