"विजय माल्या — एक ऐसा नाम जिसने भारत के बिज़नेस वर्ल्ड में तहलका मचा दिया।
लेकिन फिर... एक दिन, वो अचानक देश से बाहर चला गया।
बैंकों का पैसा डूब गया,
लाखों की नौकरियां गईं,
और माल्या… लंदन में दिखा।"
🎧 [Sound FX: Podcast microphone turning on]
"अब, 9 साल बाद, विजय माल्या पहली बार सामने आया है।
एक चार घंटे के पॉडकास्ट में,
राज शामानी से बात करते हुए,
उसने अपने ऊपर लगे हुए हर आरोप पर सफाई दी
"मैं भगोड़ा नहीं हूं।
मैंने बैंक से 6200 करोड़ रुपये का लोन लिया था…
और अब तक 14000 करोड़ रुपये चुका चुका हूं।
"माल्या का कहना है कि उसने बैंक से जितना कर्ज लिया था, उससे कहीं ज्यादा चुका दिया है।
मगर फिर भी… उसे चोर कहा गया
विजय माल्या (क्लिप या रिक्रिएटेड):
“मैं भागकर नहीं गया था।
मैंने खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली को बताया था कि मैं विदेश जा रहा हूं।
2 मार्च 2016 को FIA मीटिंग के लिए मैं लंदन रवाना हुआ…
और पासपोर्ट रद्द होने की वजह से वहीं अटक गया।”
"अगर ये सच है…
तो फिर उसे भगोड़ा कैसे कहा गया?"
[Graphics: “Claim #2 – क्या विजय माल्या भागा था?”]
विजय माल्या (क्लिप या रिक्रिएटेड):
इस कहानी को जानने के लिए कुछ साल पीछे चलते हैं
विजय माल्या के पिता विट्ठल माल्या की मृत्यु 18 अक्टूबर 1983 हुई थी
उस समय विजय माल्या की उम्र सिर्फ 28 साल थी
पिता की मृत्यु के बाद विजय माल्या को United Breweries Group (UB Group) का चेयरमैन बना दिया गया और वहीं से उनका बिजनेस करियर शुरू हुआ।
(वीडियो: पुरानी फैक्ट्रीज़, किंगफिशर की पुरानी बोतलें, विजय माल्या की युवावस्था की तस्वीरें)
विज्ञापन, मॉडल्स और म्यूज़िक से बीयर की बिक्री को ग्लैमरस बना दिया गया।
और जल्द ही — किंगफिशर भारत की सबसे फेमस बीयर बन गई।
विजय माल्या अब सिर्फ व्यापारी नहीं, एक ब्रांड बन चुका था।"
[भाग 2: 1990s
"90 का दशक... भारत में खुला बाज़ार और विजय माल्या के लिए नई राहें।
उन्होंने सिर्फ शराब में नहीं, फार्मा, उर्वरक, केमिकल, मीडिया और (IT) आईटी सेक्टर में कारोबार फैलाया।
(वीडियो: बिजनेस मर्जर्स के फुटेज, मीडिया में माल्या के इंटरव्यू)
> "UB ग्रुप अब तक 60 से ज़्यादा कंपनियों का समूह बन चुका था।
और विजय माल्या... अब था 'किंग ऑफ गुड टाइम्स' कहां जाने लगा।
पार्टीज़, फैशन शो, F1 रेसिंग – हर जगह विजय माल्या की छवि दिखाई देने लगी।
🎞️ [भाग 3: 2005 – किंगफिशर एयरलाइंस की शुरुआत]
नैरेटर:
> "अब बारी थी आसमान की।
वर्ष 2005 — विजय माल्या ने लॉन्च की किंगफिशर एयरलाइंस।
स्लोगन था 'Fly the Good Times'।"
(नारा था) – ( 'अच्छे समय की उड़ान')
(वीडियो: एयरलाइंस की रंगीन क्लिप, खुश यात्री, शानदार इंटीरियर)
"लेकिन असली कहानी थी घाटे की।
महंगे खर्चे, बुनियादी ढांचे की कमी और प्रॉफिट का न आना...
सब कुछ अंदर ही अंदर खोकला होने लगा था।
[भाग 4: 2007 – एयर डेक्कन का अधिग्रहण और गिरावट]
"2007 में विजय माल्या ने फिर खरीदी लो-कॉस्ट एयरलाइन Air Deccan। (एयर डेक्कन)
मकसद था – बाजार पर कब्ज़ा।
लेकिन हुआ उल्टा।"
(वीडियो: एयर डेक्कन और किंगफिशर दोनों की क्लिप,)
"प्रीमियम और बजट सर्विस एक साथ नहीं चल पाईं।
(घाटा बढ़ा, कर्ज़ बढ़ा, एयरलाइन डूबने लगी।)
नुकसान होने लगा, कर्ज होने लगा, एयरलाइन नुकसान में जाने लगी।
लेकिन माल्या अभी भी पार्टियों में बिजी थे।
[भाग 5: 2012 ]
"2012 में DGCA ने किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस रद्द कर दिया।
कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
बैंक बोले – कर्ज़ चुकाओ।
लेकिन विजय माल्या का कहना था – 'मैं पैसा लौटाना चाहता हूँ'।" पर सरकार मेरा साथ नहीं दे रही।
(वीडियो: न्यूज़ फुटेज, हड़तालें, कोर्ट केस की झलक)
"फरवरी 2016 – विजय माल्या देश छोड़कर लंदन भाग गए।
पीछे छूट गए – 9000 करोड़ का कर्ज़ और बर्बाद हुए हज़ारों के परिवार।"
[भाग 6: लंदन में किंग या भगोड़ा?]
"लंदन में अब भी विजय माल्या आलीशान बंगलों में रहते हैं।
कहते हैं – 'मैं अपराधी नहीं, बिजनेसमैन हूं।
लेकिन भारत की नज़रों में वो है — एक भगोड़ा और चोर है।
(वीडियो: लंदन फुटेज, कोर्ट, भारत सरकार के बयान)
"2018 में ब्रिटिश कोर्ट ने पेश (सलेंडर) की अनुमति दी, लेकिन कानूनी पेच अब तक अटका है।
भारत आज भी उसका इंतज़ार कर रहा है।"
"विजय माल्या की कहानी सिर्फ एक इंसान की नहीं...
ये कहानी है एक सिस्टम की, एक सोच की, एक लालच की।
जिसने शोहरत को सब कुछ समझा, लेकिन ज़मीन पर टिकना भूल गया।
और याद रखिए...
उड़ान जितनी ऊँची हो, लैंडिंग उतनी ही ज़रूरी होती है।"
ये थी विजय माल्या की सच्ची कहानी –
एक बिजनेसमैन से ब्रांड तक...
और फिर ब्रांड से भगोड़ा तक।"
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