"कभी आपने सोचा है कि कैसे एक नाम, जो किसी ज़माने में सफलता, स्टाइल और 'गुड टाइम्स' का प्रतीक था... वही नाम अब घोटाले, धोखाधड़ी और भगोड़े की पहचान बन गया है?
विजय माल्या — एक ऐसा नाम जो कभी भारत की सबसे बड़ी शराब कंपनी का मुखिया था।
जिसकी पार्टियों में बॉलीवुड से लेकर क्रिकेट और राजनीति तक के सितारे शामिल होते थे।
जिसके कैलेंडर गर्ल्स को युवा पोस्टर बनाकर दीवारों पर सजाते थे।
जिसका विमान उड़ता था तो लगता था भारत ग्लैमर की ऊँचाई छू रहा है।
पर आज?
उसी विजय माल्या का नाम आते ही लोगों के ज़हन में आते हैं —
भागने का प्लान,
विदेशी आलीशान बंगले,
और भारत की न्याय प्रणाली के सामने एक बड़ा प्रश्नचिन्ह।"
"अब, 9 साल बाद, विजय माल्या पहली बार सामने आया है।
एक चार घंटे के पॉडकास्ट में,
राज शामानी से बात करते हुए,
उसने अपने ऊपर लगे हुए हर आरोप पर सफाई दी
"मैं भगोड़ा नहीं हूं।
मैंने बैंक से 6200 करोड़ रुपये का लोन लिया था…
और अब तक 14000 करोड़ रुपये चुका चुका हूं।
"माल्या का कहना है कि उसने बैंक से जितना कर्ज लिया था, उससे कहीं ज्यादा चुका दिया है।
मगर फिर भी… उसे चोर कहा गया
विजय माल्या (क्लिप या रिक्रिएटेड):
“मैं भागकर नहीं गया था।
मैंने खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली को बताया था कि मैं विदेश जा रहा हूं।
2 मार्च 2016 को FIA मीटिंग के लिए मैं लंदन रवाना हुआ…
और पासपोर्ट रद्द होने की वजह से वहीं अटक गया।”
"अगर ये सच है…
तो फिर उसे भगोड़ा कैसे कहा गया?"
[Graphics: “Claim #2 – क्या विजय माल्या भागा था?”]
विजय माल्या (क्लिप या रिक्रिएटेड):
इस कहानी को जानने के लिए कुछ साल पीछे चलते हैं
विजय माल्या के पिता विट्ठल माल्या की मृत्यु 18 अक्टूबर 1983 हुई थी
उस समय विजय माल्या की उम्र सिर्फ 28 साल थी
पिता की मृत्यु के बाद विजय माल्या को United Breweries Group (UB Group) का चेयरमैन बना दिया गया और वहीं से उनका बिजनेस करियर शुरू हुआ।
Comments
Post a Comment