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Vijay Mallya

 विजय माल्या का यह बयान कई मायनों में चर्चा में रहा है। इसमें उन्होंने खुद को 'भगोड़ा' या 'चोर' कहे जाने को गलत ठहराया और दावा किया कि उन्होंने भारत छोड़ने से पहले तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलने की कोशिश की थी। "मैं भगोड़ा नहीं हूं" माल्या ने कहा कि वे देश छोड़कर भागे नहीं थे, बल्कि वह लंदन बिजनेस ट्रिप पर गए थे, और उसके बाद उनकी छवि जानबूझकर एक भगोड़े की तरह बना दी गई। "जेटली को बताया था कि जा रहा हूं" उनका दावा है कि उन्होंने संसद में अरुण जेटली को बताया था कि वो देश छोड़ने वाले हैं, और उन्होंने एक बैठक के लिए कहा था, लेकिन उन्हें सिर्फ 1 मिनट मिला। 📝 हालांकि, जेटली ने जवाब में कहा था कि माल्या ने संसद के गलियारे में अचानक संपर्क किया, और उन्हें स्पष्ट रूप से कह दिया गया कि वह बैंकों से निपटें। 💰 "6200 करोड़ के बदले 14,000 करोड़ वसूले गए" माल्या का कहना है कि उन्होंने बैंकों को 6200 करोड़ रुपये का सेटलमेंट ऑफर दिया था, लेकिन बैंकों ने मना कर दिया। अब बैंकों ने उनकी संपत्ति बेचकर 14,000 करोड़ रुपये वसूल लिए, जो उनके मुताबिक ...
9 साल बाद विजय  माल्या ने बड़ा खुलासा किया    -     राजनीति और बिजनेस से पछतावा भारतीय व्यापार जगत के चर्चित व्यक्ति विजय माल्या ने अपने ही इंटरव्यू में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मालिक ने बिजनेस राजनीतिक और अपने पछतावे पर खुलकर बात की है। 'भगोड़ा' कहे जाने पर माल्या क्या बोले? अगर भारत में मुझे फेयर ट्रायल और सम्मानपूर्वक रहने दिया जाने को लेकर भरोसा दिया जाए तो मैं भारत आने के बारे में गंभीरता से सोचूंगा। लेकिन आपको ये भी पता होना चाहिए कि ऐसे कुछ अन्य लोग भी हैं। जिन्हें भारत सरकार ब्रिटेन से प्रत्यर्पत को लेकर टारगेट कर रही है। राज शमानी ने कहा कि भारत में ऐसे कई सारे बिज़नेसमैन हैं, जिन्होंने बैंक लोन नहीं चुकाया है. इसके बावजूद वो भारत में रह रहे हैं और अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं. इसकी वजह से लोग उन्हें 'भगोड़ा' या 'चोर' नहीं कहते. ऐसे कई सारे मामले हैं. इस पर माल्या ने जवाब दिया, "कोई बात नहीं, अगर भारत नहीं जाने पर लोग मुझे भगोड़ा कहते हैं. मैं वहां से भागा नहीं हूं. मैं अपनी पहले से तय यात्रा पर भारत से निकला. मैं वापस न...

सोनू मोनू रामू शांति सेठ -

 रामू एक बहुत ही गरीब किसान था उसके पास अपनी तो कोई जमीन नहीं थी परंतु वो किसी के खेतों में काम किया करता था जिससे कि उसे थोड़ी बहुत तनख्वा मिल जाती थी और उनके घर का गुजारा चल जाता था रामू के घर में उसकी बीवी शांति और दो छोटे-छोटे बच्चे थे शांति बहुत ही समझदार औरत थी  कम तख्वा होते हुए भी वो घर को बहुत अच्छे से चलाती थी और थोड़े बहुत पैसे बचाकर बच्चों को स्कूल भी भेजती थी वो जानती थी कि पढ़ने कितना जरूरी है यदि उसके बच्चे अनपढ़ रह गए तो वो भी जीवन भर किसी की गुलामी करते रहेंगे   बस उन लोगो  की जिंदगी इसी तरह बीत  रही थी   जो थोड़े बहुत पैसे मिलते थे वे लोग उसी में ही खुश थे रामू के दोनों बच्चों के स्कूल में काफी दोस्त बन गए थे इसलिए वो बच्चे अपने दोस्तों के घर भी आते जाते थे एक दिन  दोनों बच्चे अपने दोस्त के घर गए जिनके पिताजी जमींदार थे उनका घर काफी बड़ा था और हर सुख सुविधा की चीज वहां पर थी उस समय गर्मी का मौसम था और स्कूल में गर्मी की छुट्टियां चल रही थी सोनू और मोनू जैसे ही अपने दोस्त के घर के अंदर घुसे तो वहां पर ठंडक महसूस हुई उन्हें बह...

गरीब के घर AC

रामू एक बहुत ही गरीब किसान था  उसके पास  अपनी तो कोई  जमीन नहीं थी परंतु वो किसी के  खेतों में काम किया करता था जिससे कि उसे थोड़ी बहुत तख्वाह मिल जाती थी  और उनके घर का गुजारा चल जाता था      रामू के घर में उनकी बीबी शारदा और दो  छोटे-छोटे बच्चे थे   शारदा बहुत ही समझदार औरत थी   कम तख्वाह होते हुए भी वो घर को बहुत अच्छे से चलाती  थी  थोड़े बहुत    पैसे बचाकर बच्चों को स्कूल भी भेजती   थी वो जानती थी कि पढ़ना कितना जरूरी यदि उनके  बच्चे अन पढ़ रह गये तो वो  जीवन भर किसी की गुलामी करते रहेंगे बस उन लोगो  की जिंदगी इसी तरह बीत  रही थी     जो थोड़े बहुत पैसे  मिलते थे वे लोग उसी में खुश थे रामु  के दोनों बच्चों के स्कूल में काफी   दोस्तों बन गए थे इसलिए वो बच्चे अपने दोस्तो के घर भी आते जाते थे     एक  दिन   दो नो    बच्चे अपने दोस्त के घर गये जिसके  पिताजी जमींदार थे  उनका घर काफी  बड़ा था औ...